लक्ष्य को बिना रुके कैसे पाएं- New Latest swami vivekananda story in hindi- विवेकानंद की कहानी
लक्ष्य को बिना रुके कैसे पाएं-New Latest swami vivekananda story in hindi- विवेकानंद की कहानी
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नमस्कार दोस्तों आपका हमारे हिन्दी ब्लॉग himachaljosh.in मे स्वागत है दोस्तों आज मैं स्वामी vivekanand ji की कहानी आपको ले के आया हूँ तथा हमारे ब्लॉग पर ऐसी और भी hindi motivational stories ,hindi inspirational stories ,moral stories hindi और भी कै प्रकार की कहानिया है जिनसे आप बहुत कुछ सीख सकते हो , मई आशा करता हूँ कि विवेकानंद जी जी यह कहानी आपको पसंद आए और अगर यह हिन्दी कहानी अच्छी लगे तो अपने दोस्तों को share करें क्या पता आपके share से किसी की जिंदगी बदल जाए और आप भी किसी के प्रेरक बन जाए
भारतीय संस्कृति के ऐसे विद्वान स्वामी विवीकनंद जी जिनके ज्ञान के प्रकाश से सम्पूर्ण दुनिया मे भारत की संस्कृति और भारतीय ज्ञान का प्रकाश फैला था । एक सन्यासी के रूम मे स्वामी विकेआनंद जी ने अनेक ग्रंथों की रचना की थी और उन ग्रंथों ने करोड़ों युवाओं को नई राह दिखाई,स्वामी स्वामी विवेकानंद जी का पूरा जीवन ही सीख का महत्व है तो आयी जानते है स्वामी विवेकानंद जी की जीवन की एक कहानी और जानते हैं कि उससे हमे क्या सीखने को मिल सकता है
एक बार vivekanand अपने आश्रम मे विश्राम कर रहे थे एक आदमी उनके पास आया और कहने लगा कि विवेकानंद जी मई अपनी जिंदगी मे बहुत मेहनत करता हूँ अपना काम रोज करता हूँ लेकिन मुझे सफलता हासिल नहीं होती है ऐसा क्यों ? स्वामी विवेकानंद मुस्कुराने लगे और उन्होंने कहा ठीक है तुम एक काम करो मेरे कुत्ते को थोड़ी देर बाहर घुमा के ले आओ और फिर मैं तुम्हें तुम्हारे सवाल का जवाब दूंगा
वह व्यक्ति कुत्ते को घुमाने ले गया और वापिस भी आ गया स्वामी विवेकानंद जी ने पूछा कि यह कुत्ता इतना हाँप क्यूँ रहा है जबकि तुम बिल्कुल थके नहीं लग रहे हो ? व्यक्ति कहने लगा कि यह कुत्ता कभी इधर तो कभी उधर भाग रहा था और सीधा नहीं चल रहा था, स्वामी विवेकानंद ने कहा यही है तुम्हारे सवाल का जवाब भी ..
तुम्हारी सफलता कि मंजिल भी तुम्हारे सामने होती है और तुम इधर उधर भटककर उसमे और देरी करते हो जिससे तुम अपने जीवन मे सफल नहीं हो पाओगे। यह बात सुनकर उस व्यक्ति को समझ आ गया कि अगर हमे सफल होना है तो हमे मंजिल पर ध्यान करना होगा
Moral of swami vivekananda inspirational story
स्वामी विवेकानंद की इस कहानी से हमे सीख मिलती है कि हम अपने लक्ष्य पर ध्यान न देकर दूसरों को देखकर इधर उधर भागने लगते हैं जिसके कारण हम अपनी मंजिल से दूर होकर भटक जाते है इसलिए अगर जीवन मे सफल होना है तो अपने लक्ष्य के ऊपर ध्यान अकत्रित करना होगा
तो दोस्तों हमें कममेंट करके बताएं की आपको ये मॉरल कहानी कैसी लगी और और ऐसी ही hindi motivational stories और inspiration hindi stories पाने के लिए हमारे ब्लॉग पर आते रहें
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